हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “उसूल ए-काफ़ी” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:
قال الامام الباقر علیه السلام:
إِنَّ لِجُمَعِ شَهْرِ رَمَضَانَ عَلَى جُمَعِ سَائِرِ الشُّهُورِ فَضْلًا، كَفَضْلِ شَهْرِ رَمَضَانَ عَلَى سَائِرِ الشُّهُورِ.
हज़रत इमाम मुहम्मद बाकि़र (अ) ने फ़रमाया:
असल में, रमज़ान के महीने में जुमे की नमाज़ का बाकी सभी महीनों की जुमे की नमाज़ों से वैसा ही फ़ायदा है जैसा रमज़ान के महीने का साल के बाकी सभी महीनों से।
अल-काफ़ी, भाग 3, पेज 429
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